पदोन्नति से वंचित कर्मचारियों का विरोध देखते हुए राज्य सरकार ने शासकीय सेवकों को उनकी सेवा काल में पात्रता अनुसार पदोन्नति के अवसर उपलब्ध कराने के लिए मंत्री समूह का गठन किया है। यह मंत्री समूह भविष्य की रणनीति के निर्धारण के लिए सुझाव देगा। मंत्री समूह में पांच मंत्री शामिल किए गए हैं। मंत्री समूह में गृह व जेल मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, वन मंत्री विजय शाह, लोक सेवा प्रबंधन व सहकारिता मंत्री अरविंद भदौरिया और स्कूल शिक्षा व सामान्य प्रशासन राज्य मंत्री इंदर सिंह परमार शामिल किए गए हैं। अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन मंत्री समूह के समन्वयक होंगे। जीएडी ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं।
प्रदेश में 2016 से कर्मचारियों की पदोन्नति पर रोक लगी हुई है। प्रमोशन में रिजर्वेशन खत्म करने के हाईकोर्ट के 2016 में आये आदेश के खिलाफ राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट गई थी जिसके बाद अब तक इस मामले में फैसला नहीं आया है। सूत्रों का कहना है कि कल सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में अंतिम सुनवाई होनी है। इसके पहले राज्य सरकार ने मंत्री समूह गठित कर इस संबंध में सुझाव मांगे हैं। कर्मचारी संगठनों का आरोप है कि पहले से ही हजारों कर्मचारियों को पदोन्नति से वंचित कर चुकी सरकार अब मंत्री समूह गठित कर एक बार फिर पूरे मामले को उलझाने की कोशिश कर रही है।
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