भोपाल
अलीराजपुर जिले के चंद्रशेखर आजाद नगर तहसीलदार जितेंद्र सिंह तोमर जमीन के विवाद के मामले में न्याय मांगने पहुंचे एक युवक की जमकर पिटाई कर दी। साथ ही उसकी मां को भी धमकाया। इस मामले में महिला और उसके बेटे ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक अलीराजपुर से तहसीलदार के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है। घटना पर मानव अधिकार आयोग ने भी संज्ञान लिया है। मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति नरेन्द्र कुमार जैन ने मानव अधिकार हनन को लेकर कमिश्नर इंदौर, कलेक्टर व एसपी अलीराजपुर से एक माह में जवाब मांगा है।
आयोग द्वारा इस मामले को संज्ञान में लिए जाने के साथ घटना की जानकारी भी चाही गई है। इसके अनुसार
अलीराजपुर जिले के ग्राम सन्दा, तहसील चंद्रशेखर आजाद नगर निवासी जवरी पति नानसिंग भील ने बीते मंगलवार को जनसुनवाई में कलेक्टर और एसपी अलीराजपुर से शिकायत कर चंद्रशेखर आजाद नगर के तहसीलदार जितेन्द्रसिंह तोमर पर कार्रवाई की मांग की है। जवरीबाई ने बताया कि हमारी जमीन बहादुर पिता भुरका और खेलजी पिता लालू ने जोर जबरदस्ती षड्यंत्र कर अपने नाम पर कर ली है। मेरे द्वारा दिए गए शिकायत पत्र के निराकरण के लिये 3 फरवरी को अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय, चन्द्रशेखर आजाद नगर में आवेदन दिया गया था। निराकरण के लिये हमें बुलाया गया था। मेरे साथ मेरा पति और मेरा बेटा भी तहसील कार्यालय गए थे।
तहसील परिसर में बहादुर पिता और खेलजी भुरका लालू भी पहुंच गए और हमें धमकाने लगे और कहने लगे कि तुम हमारा कुछ नहीं कर सकते हो, तुम्हारी जमीन हमने अपने नाम चढ़ा लिया है। मेरे बेटे ने कहा कि जमीन तो तुम्हें नहीं देंगे। तभी तहसीलदार जिन्तेद्र सिंह तोमर अपने कमरे से बाहर निकल के आए और मुख्य द्वार के बाहर मेरे बेटे को थप्पड़ मारना शुरू कर दिया। मेरे द्वारा बीच-बचाव करने पर मुझे भी धक्का दे दिया और मेरे बेटे को मारते ही रहे। मेरे द्वारा बार-बार यही कहा गया कि हमारी गलती क्या है ? आप मेरे बेटे को क्यों मार रहे हो तो वे पास में खड़े एक व्यक्ति को बोले गाड़ी में से पाइप निकाल कर लाओ, आज इसको मैं मार डालूंगा। आस-पास लोगों की भीड़ हो गई किन्तु किसी ने भी हमारी सहायता नहीं की। मैं पुलिस थाना भाबरा में मारपीट की शिकायत करने के लिए गई किन्तु पुलिस ने भी मेरी शिकायत नहीं लिखी। जवरीबाई ने कलेक्टर-एसपी से मांग रखी कि मेरी शिकायत पर विचार कर तहसीलदार पर कार्रवाई की जाए। मामले में मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने कमिश्नर इंदौर सहित कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक अलीराजपुर से चार सप्ताह में जवाब मांगा है।
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