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26 जनवरी की हिंसा में राहुल की भूमिका की हो जांच, 28 फरवरी तक देना होगा आजीवन निधि हिसाब-शर्मा

भोपाल
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने कहा है कि किसान आंदोलन के संदर्भ में कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा था कि खून की खेती हो रही है। क्या 26 जनवरी को राहुल ने इसी फसल को काटा था ? दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर हुई हिंसा में राहुल गांधी की भूमिका की जांच होनी चाहिए। 

मीडिया से चर्चा में उन्होंने कहा कि आज जिला अध्यक्ष और पदाधिकारियों के साथ बैठक में आजीवन सहयोग निधि को लेकर चर्चा हुई है। इसकी बैठक में युवाओं से काम करने के लिए कहा गया है। 

जहां प्रयास हुए, वहां अच्छे परिणाम मिले : शिवराज

इसके पहले पार्टी के जिलाध्यक्षों एवं सहयोग निधि प्रभारियों की बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बीते साल हुए आजीवन सहयोग निधि संग्रहण के काम में जिन जिलों में प्रयास हुए हैं, वहां परिणाम भी अच्छे मिले हैं। उन्होंने कहा कि आजीवन सहयोग निधि का लक्ष्य सभी की सहमति से तय किया गया है, इसलिए अब इस काम में पूरी तरह जुट जाएं। चौहान ने कहा कि आजीवन सहयोग निधि के काम के लिए एक टीम बनाएं, अपने क्षेत्र के सांसद, विधायकों, जनप्रतिनिधियों और प्रमुख नेताओं को साथ लें और निकल पड़ें। उन्होंने कहा कि पार्टी के काम के लिए सहयोग देने वालों की कमी नहीं है, आप जहां जाएंगे निराश नहीं होंगे। चौहान ने जिलाध्यक्षों से आहृवान किया कि सोशल मीडिया पर हमें पीछे नहीं रहना है इसलिए सभी लोग सोशल मीडिया पर सक्रिय हों, ताकि विरोधियों द्वारा किए जा रहे हर तरह का दुष्प्रचार का जवाब जिला स्तर से दिया जा सके।

लक्ष्य मुश्किल नहीं, लोगों तक पहुंचना जरूरी : शर्मा 

प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि आजीवन सहयोग निधि मूल रूप से मध्यप्रदेश की ही पद्धति है, जिसे संगठन का कामकाज चलाने के लिए पूरे देश में अपनाया गया है। इसलिए आप सभी मध्यप्रदेश को इस मामले में आदर्श राज्य बनाने में जुट जाएं। शर्मा ने केरल का उदाहरण देते हुए कहा कि एक छोटे से राज्य में जहां पार्टी संगठन उतना मजबूत नहीं है, वहां से जब अच्छी खासी सहयोग निधि जुटाई जा सकती है, तो मध्यप्रदेश से क्यों नहीं ? उन्होंने जिलाध्यक्षों से कहा कि 11 फरवरी को समर्पण दिवस पर सहयोग निधि एकत्र करने का महाअभियान चलाया जाएगा, जिसकी तैयारी 5 फरवरी से शुरू कर दें। उन्होंने कहा कि जो लक्ष्य निर्धारित किया गया है, वह मुश्किल नहीं है, बस लोगों तक पहुंचना जरूरी है। शर्मा ने कहा कि सहयोग निधि के काम में सांसद, विधायकों एवं सभी जनप्रतिनिधियों का सहयोग लें।

संगठनात्मक कौशल का परीक्षण है- सुहास भगत

 संगठन महामंत्री सुहास भगत ने कहा कि आजीवन सहयोग निधि की योजना कुशाभाऊ ठाकरे ने तैयार की थी ताकि समाज के सामने एक आदर्श प्रस्तुत किया जा सके। यह योजना पूरे देश को मध्यप्रदेश ने ही दी है। यह योजना हमारे संगठनात्मक कौशल का परीक्षण है, हम जितनी अच्छी योजना बनाएंगे, उतने ही अच्छे परिणाम आएंगे। भगत ने कहा कि सहयोग निधि के काम के लिए सभी जनप्रतिनिधियों, सांसदों, विधायकों तक पहुंचें। हमारी 28 हजार बूथ समितियां हैं, उनके सदस्यों से संपर्क करें। मंडल कार्यसमिति सदस्यों, साधारण सदस्यों तथा सक्रिय सदस्यों से संपर्क करें। भगत ने कहा कि जिलाध्यक्ष और सहयोग निधि प्रभारी यह ध्यान रखें कि 11 फरवरी को बूथ स्तर तक समर्पण दिवस के कार्यक्रम आयेजित किए जाएं। अभियान का काम 25 फरवरी तक पूरा हो जाए तथा 28 फरवरी तक हिसाब-किताब पूरा कर लें।

9 फरवरी से पहले तक टीमों का गठन कर लें : मोघे

आजीवन सहयोग निधि के प्रदेश प्रभारी कृष्णमुरारी मोघे ने कहा कि आजीवन सहयोग निधि के लिए नया अभियान शुरू होने जा रहा है, इसलिए सभी जिलाध्यक्ष 9 फरवरी से पहले इस काम के लिए टीमें गठित कर लें।  मोघे ने कहा कि 11 फरवरी को समर्पण दिवस है और प्रयास करें कि इस दिन तक काम पूरा हो जाए। मोघे ने कहा कि हिसाब किताब में देरी संशय पैदा करती है, आस्था पर चोट करती है। इसलिए नया अभियान शुरू होने से पहले पुराना हिसाब पूरा कर दें और इसके लिए एक तारीख निश्चित कर लें। 
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