भोपाल
केंद्र सरकार की भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों की घोषणा में पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन को पद्म विभूषण मध्यप्रदेश की रूपंकर कलाकार भूरी बाई को कला और कपिल तिवारी को साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में कार्य के लिए पद्मश्री अवार्ड के लिए चुना गया है।
भूरी बाई के अनुसार वे अनपढ़ है। हिंदी नहीं समझती थी। कभी सोचा नहीं था भारत भवन में गुरु स्वामीनाथन और कपिल तिवारी से मिलूंगी। आज मेरे गुरु एक देव का आशीर्वाद है। वाे हमेशा मेरे साथ हैं। उनसे मिलकर तो इतना पाया है। बहुत कुछ पा लिया है।
अध्येता कपिल तिवारी
पद्मश्री से सम्मानित होने जा रहे लोक साहित्यकार कपिल तिवारी की पहचान भारतीय संस्कृति के अध्येता के रूप में है। उन्होंने लोक गीत, संगीत और लोक भाषाओं के साथ लोक कलाओं के संरक्षण और दस्तावेजीकरण पर उल्लेखनीय कार्य किया है। सागर में जन्मे 68 वर्षीय तिवारी ने लोक संस्कृति साहित्य से संबंधित 39 पुस्तकों का संपादन किया है। वर्तमान में वे विदेश मंत्रालय की भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के सदस्य हैं। तिवारी मप्र आदिवासी लोक कला अकादमी के निदेशक और भारत भवन के न्यासी सदस्य भी रहे हैं।