भोपाल
पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने कहा है कि भोपाल का हलाली डैम राजा मोहम्मद खां की याद दिलाता है। उसने अपने मित्र राजाओं को धोखे से बुलाकर कत्ल किया और उनके खून से इस नदी को लाल कर दिया था। इसके बाद आज भोपाल सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने पूर्व मुख्यमंत्री उमा के बयान का समर्थन कर नाम बदलने की मांग की है।
भोपाल सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने निवास पर तिरंगा फहराने के बाद अपने बयान में कहा कि हलाली डैम हिंदुओं के हलाल होने की याद दिलाता है। लालघाटी को हिंदुओं के रक्त से लाल किया गया था। इसी तरह इस्लाम कोई नगर नहीं है। इन सभी जगह के नाम जल्द ही बदले जाने चाहिए। भोपाल अपने प्राचीन और ऐतिहासिक स्वरूप में जल्दी ही दिखाई देगा।
गौरतलब है कि उमा भारती ने हलाली डैम के संबंध में बैरसिया से बीजेपी विधायक विष्णु खत्री को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने कहा है कि बैरसिया क्षेत्र में एक चर्चित स्थान हलाली डैम का नाम बार-बार आता है। भोपाल शहर के बाहर प्रचलित हलाली नाम का स्थान एवं नदी, दोनों विश्वाघात की उस कहानी की याद दिलाती हैं, जिसमें मोहम्मद खां ने भोपाल के आसपास के अपने मित्र राजाओं को बुलाकर उन्हें धोखा देकर उनका सामूहिक कत्ल किया। उनका खून इसी नदी में बहाया गया था। हलाली शब्द और स्थान उसी प्रसंग का स्मरण करता है। विश्वासघात, धोखाधड़ी और अमानवीयता यह सब हलाली शब्द के आगे आते हैं। इससे पहले प्रोटेम स्पीकर ईदगाह हिल्स का नाम बदलकर गुरुनानक टेकरी और पूर्व राज्यसभा सांसद प्रभात झा हबीबगंज स्टेशन का नामकरण अटल जंक्शन करने की मांग उठा चुके हैं।