भोपाल/इंदौर
इंदौर नगर निगम का एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें निगम कर्मचारियों का अमानवीय चेहरा सामने आया है। इसमें इंदौर के वृद्ध भिखारियों को डम्पर में भरकर शिप्रा सीमा पर छोड़ने का आरोप है। कड़ाके की ठंड में वृद्धों से पशु समान व्यवहार किये जाने का वीडियो वायरल होने के बाद सीएम शिवराज सिंह ने नाराजगी जताई और जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
शुक्रवार को जब भिखारियों को सड़क पर उतारा जा रहा था तो जनता ने घेर लिया। कांग्रेस ने इस मामले में सरकार को घेरा। इधर वीडियो पर एक्शन लेते हुए इंदौर निगम कमिश्नर प्रतिभा पाल ने वायरल वीडियो की जानकारी जुटाई और रैन बसेरा के मस्टरकर्मी ब्रजेश लश्करी और विश्वास वाजपेयी की सेवा समाप्त कर दी।
इंदौर में भिक्षुकों के साथ हुए दुर्व्यवहार पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कड़ी नाराज़गी ज़ाहिर की है। उन्होंने इस संबंध में जिला प्रशासन को दोषियों के ख़िलाफ़ ठोस कार्यवाही के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद नगर निगम के उपायुक्त प्रताप सोलंकी को निलंबित कर दिया गया है। वहीं दो अन्य नगर निगम कर्मियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।उल्लेखनीय है कि आज इंदौर शहर में कड़ी ठंड को देखते हुए भिक्षुकों को रैन बसेरा में शिफ़्ट करने के निर्देश दिए गए थे। इस दौरान यह घटना प्रकाश में आयी है। इस कार्य का सुपर विजन करने के लिए नगर निगम के उपायुक्त प्रताप सोलंकी को ज़िम्मेदारी दी गई थी। सोलंकी द्वारा कार्य में लापरवाही की गई। इस लापरवाही पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और उन्हें इंदौर से बाहर पदस्थ करने के निर्देश दिए गए हैं।
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