लोकायुक्त कार्रवाई के बाद विवादों में रहे सहायक आबकारी आयुक्त आलोक खरे को आबकारी उपायुक्त ने भोपाल संभाग में एमएसपी से नीचे और एमआरपी से अधिक कीमत पर बेची जा रही शराब की जाँच का काम सौंपा है। खरे को अंतरजिला समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। इसमें 11 आबकारी अफसरों, निरीक्षकों, उप निरीक्षकों को शामिल किया गया है। विवादित अफसर को यह जिम्मेदारी सौंपने पर सरकार के फैसले पर भी सवाल उठाये जा रहे हैं।
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