भोपाल
प्रदेश के कई जिलों में गैर सरकारी व्यक्तियों द्वारा खनिज परिवहन करने वाले वाहनों की जांच करने और उन्हें धमकाने का काम किया जा रहा है। खनिज साधन विभाग ने इस स्थिति पर रोक लगाने के लिए कलेक्टरों को चिट्ठी लिखी है और कहा है कि यह काम सरकारी सेवकों से ही कराया जाए। इतना ही नहीं कई जिलों में निर्माण विभागों द्वारा ठेकेदारों से गौण खनिज की रायल्टी का पैसा वसूलकर अपने खाते में जमा करा लिया गया है। यह स्थिति ठीक नहीं है। ऐसे विभागों को निर्देश दें कि माइनिंग का पैसा माइनिंग विभाग के हेड में जमा करने का काम करें।
खनिज साधन विभाग ने कलेक्टरों व पुलिस अधीक्षकों को लिखे पत्र में कहा है कि रेत खनिज के अवैध उत्खनन, परिवहन व भंडारण के मामले में सख्त कार्यवाही के निर्देश सीएम शिवराज सिंह चौहान द्वारा कलेक्टर-कमिश्नर कांफ्रेंस में दिए गए हैं। इसके लिए जिलों में खनिज परिवहन करने वाले वाहनों की जांच की जा रही है पर कई जिलों में यह शिकायत आई है कि अनधिकृत व्यक्तियों का उपयोग जांच केंद्रों में किया जा रहा है। यह बात भी सामने आई है कि ऐसे अनधिकृत लोगों द्वारा वैधानिक परिवहन कर्ता को परेशान किया जा रहा है। इसलिए जांच कार्य में अशासकीय लोगों की तैनाती न की जाए और सिर्फ शासकीय अधिकारी कर्मचारी ही जांच के लिए तैनात किए जाएं। जो परिवहनकर्ता वैधानिक परिवहन कर रहे हैं, उन्हें अनावश्यक परेशान नहीं किया जाए।
एक अन्य पत्र कलेक्टरों को निर्माण विभागों से निर्माण कार्यों में उपयोग किए जाने वाले गौण खनिज की रायल्टी राशि वसूली को लेकर भी भेजा गया है। इसमें कहा गया है कि जिलों में गौण खनिज का उपयोग बहुतायत में होता है। ठेकेदारों तथा विभागों द्वारा उपयोग किए गए गौण खनिज की रायल्टी की राशि का भुगतान करने के लिए राज्य शासन ने निर्देश जारी कर रखे हैं। शासन के संज्ञान में यह बात आई है कि ठेकेदारोंं के देयक से रायल्टी की राशि कटौती करके रख ली जाती है। यह राशि खनिज विभाग के खाते में जमा नहीं कराई जाती है। इसलिए कलेक्टर अपने जिलों में यह व्यवस्था तय करें कि गौण खनिज कटौती के मिलने वाली रायल्टी की रपाशि माइनिंग शीर्ष में जमा हो ताकि चालू वित्त वर्ष के पहले विभाग को साफ हो सके कि खनिज महकमे का राजस्व कितना बढ़ा है।