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MP में अब BA प्रथम वर्ष में पढ़ाई जाएगी रामचरित मानस, मंत्री बोले-इसी साल से किया प्रावधान

भोपाल
मध्य प्रदेश में अब कॉलेजों में हिंदू धर्म की पढ़ाई कराई  जाएगी जिसमें छात्र भगवान श्रीराम, श्रीहनुमान और तुलसी दास की जीवनी पढ़ेंगे। साथ ही वेद उपनिषद और पुराणों की शिक्षा दी जाएगी। बीए प्रथम वर्ष के पाठ्यक्रम में एच्छिक विषय के रूप में यह पढ़ाया जाएगा। साथ ही बीई के स्टूडेंट्स को रामसेतु के बारे में पढ़ाने नई शिक्षा नीति में व्यवस्था की गई है।
उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव के अनुसार इसी सत्र से नया पाठ्यक्रम नई शिक्षा नीति के तहत लागू होगा। छात्रों को यह शिक्षा बीए प्रथम वर्ष के दर्शन शास्त्र में पढ़ाई जाएगी। मीडिया से चर्चा में उच्च शिक्षा मंत्री यादव ने कहा कि लोगों ने रामसेतु तोड़ने की साजिश की थी लेकिन भविष्य में बुरी शक्तियां धर्म को नुकसान नहीं पहुंचा पाएं, इसलिए जरूरी है कि नैतिक और धार्मिक शिक्षा दी जाए। 

इसके साथ ही इंजीनियरिंग कॉलेज के स्टूडेंट्स को रामसेतु के बारे में पढ़ाया जाएगा। उच्च शिक्षा विभाग ने अपने कोर्स में महाभारत, रामायण और रामचरित मानस के कुछ हिस्सों को भी शामिल किया है। यादव का कहना है कि अगर देश की संपदा और सांस्कृतिक इतिहास के बारे में  स्टूडेंट नहीं जानेंगे, तो कौन जानेगा ? अगर आरोप लग रहे हैं कि हम पर भगवाकरण कर रहे तो हां हम भगवाकरण कर रहे हैं। हम देश की संस्कृति के बारे में स्टूडेंट को पढ़ा रहे हैं। नई शिक्षा नीति सबके लिए बेहतर बनाई गई है। हमने कोर्स में अगर संस्कृत‌ को शामिल किया है तो उर्दू को भी शामिल किया है। मंत्री यादव के इस बयान पर कांग्रेस विधायक पीसी शर्मा ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा है कि वैदिक काल से ही सनातन धर्म में बच्चों को इसकी पढ़ाई कराई जा रही है। वे माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विवि में फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के बाद मीडिया से बात कर रहे थे।

इसलिए पड़ा कुलपति का नाम कुलगुरु

मंत्री यादव ने कुलपति का नाम कुलगुरु करने के सवाल पर कहा कि एक कार्यक्रम में वे कुलपति से मिले तो पता चला कि वह महिला हैं और उनके पति कुलपति के पति हो गए। यह सुनने में अटपटा लगा, इसके बाद यह तय किया कि कुलपति के बजाय कुलगुरु के नाम से बुलाया जाए। देश के कई अन्य राज्यों में इस तरह की व्यवस्था है। इसमें कोई बुराई नहीं है।

विधायक मसूद का पलटवार, कुरान भी पढ़ाएं

मंत्री यादव के बयान पर कांग्रेस विधायक आरिफ़ मसूद ने कहा कि सरकार महाविद्यालयों में अगर रामायण और महाभारत पढ़ाती है तो कुरान भी पढ़ाये। राम सेतु में अगर साइंस है तो कुरान में भी साइंस है। मसूद ने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग को एक नहीं सभी धर्मों के ग्रंथ कॉलेज में पढ़ाने चाहिए।
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