भोपाल
प्रदेश भाजपा में संभागीय संगठन मंत्रियों के पद खत्म किए जाने के बाद लागू होने वाली नई व्यवस्था संघ पैटर्न पर होगी। इस पैटर्न की खास बात यह होगी कि इसमें भाजपा के नेताओं की बजाय संघ के प्रचारकों को तवज्जो दी जाएगी। यह भी संभावना है कि प्रदेश में संघ फार्मूले पर महाकौशल, मालवा और मध्य भारत प्रांत स्तर पर प्रांत संगठन मंत्री बनने वाले मध्यप्रदेश के बाहर के ही होंगे। ऐसा इसलिए किया जाएगा ताकि वे अपने अधीनस्थ संगठन नेताओं के काम में कसावट ला सकें।
प्रदेश भाजपा द्वारा संघ की तर्ज पर प्रांत संगठन मंत्री बनाने के लिए तत्कालीन राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल के समय में लिए गए फैसले पर अब निर्णय लिया गया है। इसके बाद यह भी तय है कि जो प्रांत संगठन मंत्री बनेंगे उनकी मदद के लिए संगठन सहायक नियुक्त किए जाएंगे। ये सभी भी प्रचारक ही होंगे। माना जा रहा है कि संगठन सहायक दो या तीन जिलों को मिलाकर नियुक्त किए जा सकते हैं जो प्रांत संगठन मंत्री को रिपोर्ट करेंगे। संघ की व्यवस्था के आधार पर अब भाजपा के ये प्रांत संगठन मंत्री भाजपा नेताओं की सक्रियता और उनकी जनता के बीच पकड़ की रिपोर्ट भेजने का काम करेंगे ताकि संघ की तर्ज पर भाजपा नेताओं की छवि जनता के बीच और बेहतर बनाई जा सके। हालांकि अभी इस मामले में कोई खुलकर बोलने को तैयार नहीं है कि नई व्यवस्था कब तक लागू होगी। चूंकि संघ प्रचारक घटते जा रहे हैं, इसलिए जैसे ही संघ से प्रचारकों की टीम प्रदेश भाजपा को मिलेगी, वैसे ही इनकी नियुक्ति का काम किया जाएगा। गौरतलब है कि भाजपा ने सभी दस संभागों में नियुक्त छह संगठन मंत्रियों को कल हटा दिया है और उन्हें प्रदेश कार्य समिति सदस्य बनाकर गृह जिलों की जिम्मेदारी सौंप दी है।
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