भोपाल
खरगोन और नीमच में आदिवासी अत्याचार के मामले में सरकार ने सख्त एक्शन लिया है। मुख्यमंत्री द्वारा खरगोन के बिस्टान थाना क्षेत्र में हुई युवक की मौत पर सही सुपरविजन नहीं होने के कारण एसपी को हटाने का फैसला लिया गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि घटना की न्यायिक जांच हो रही है। उन तथ्यों के आधार पर आगे की कार्यवाही करेंगे। ऐसी हर घटना को हम गंभीरता से ले रहे हैं।
उन्होंने कहा कि नीमच जिले के दुर्भाग्य पूर्ण घटना में आदिवासी कन्हैया लाल की मौत हो गई थी। उनके बेटे दुर्गाशंकर की पालन पोषण और शिक्षा की संपूर्ण व्यवस्था सरकार करेगी। कन्हैया लाल के दोनों भाइयों के मकान सरकार बनाकर देगी और उन्हें भी दो-दो लाख रुपए सरकार देगी। सरकार उनके परिवार की चिंता करेगी, आरोपियों के खिलाफ पहले ही सख्त कार्रवाई की जा चुकी है।
गौरतलब है कि 24 अगस्त बिस्टान थाना क्षेत्र के एक पहाड़ी इलाके में लूट के घटना में आदिवासी बिशन आरोपी था जिसे पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उसके बाद उसे जेल भेज दिया गया। जेल में उसकी तबीयत खराब होने पर अस्पताल गया था। इस मामले में सरकार ने खरगोन के जेल अधीक्षक, बिस्टान थाने के एक एसआई समेत चार लोगों को सस्पेंड किया था। अब इस मामले में एसपी को भी हटा दिया गया है।