भोपाल
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह प्रदेश में ग्रामीण विकास में होने वाली अनियमितताओं की रिपोर्ट कलेक्टरों से लेंगे। इसमें खासतौर पर शौचालय निर्माण में किए जाने वाले फर्जी राशि आहरण और विकास कार्यो के लिए दी जाने वाली राशि के दुरुपयोग और गबन के मामलों पर सीएम जानकारी लेंगे। इसके लिए 3 मार्च को होने वाले समाधान आन लाइन कार्यक्रम के पहले शिकायतों के निराकरण की रिपोर्ट भेजने के लिए कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं।
क्या है धारा 40 और 92 का उपयोग
मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 40 में पंचायत पदाधिकारियों को हटाए जाने तथा धारा 92 के तहत पंचायत के अभिलेख एवं वस्तुओं को वापस कराने तथा धन वसूल करने का अधिकार है। धारा 92 के अंतर्गत शासकीय राशि गबन करने या अतिरिक्त रकम निकालने पर वसूली की कार्रवाई होती है।
सीएम के समक्ष इन मामलों की भी आएगी रिपोर्ट
मुख्यमंत्री चौहान के समक्ष पंचायत और ग्रामीण विकास के अलावा पुलिस, शिक्षा विभाग, कृषि विभाग के कम्प्लेन वाले मामले भी समीक्षा में लाए जाएंगे। इसमें पुलिस द्वारा आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी न करने, पक्षकारों पर समझौते एवं राजीनामे लिए दबाव बनाने की समीक्षा शामिल है। साथ ही राज्य शिक्षा केन्द्र अंतर्गत नेशनल मेरिट कम मीन्स स्कॉलरशिप, नेशनल टैलेंट सर्च कम एग्जामिनेशन योजना, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना, मोटे अनाज के उपार्जन का भुगतान न होने की भी समीक्षा की जाएगी। सीएम अनुसूचित जाति कल्याण विभाग में शिष्यवृत्ति, छात्रवृत्ति प्राप्त न होने या विलंब से प्राप्त होने संबंधी आवेदनों पर सुनवाई की भी रिपोर्ट लेंगे।