भोपाल
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को कानून व्यवस्था संबंधी बैठक में पुलिस अफसरों से साफ कहा कि प्रदेश में इंटेलिजेंस व्यवस्था दुरुस्त नहीं है इस सिस्टम को और मजबूत करने का प्लान संबंधित अधिकारी जल्द दें उन्होंने पुलिस अफसरों से साफ कहा कि मंत्रियों की सलामी बंद करा दी गई है तो पुलिस अफसरों के घरों में भी कर्मचारी गुलामी नहीं करेंगे नियम विरुद्ध तरीके से बंगलों में तैनात किए गए पुलिस कर्मचारियों को हटाकर थानों में तैनात करने के निर्देश यह मुख्यमंत्री ने दिए हैं।
मंगलवार को कानून व्यवस्था संबंधी बैठक मंत्रालय में हुई जिसमें मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, डीजीपी सुधीर सक्सेना के अलावा पुलिस मुख्यालय में पदस्थ अधिकारी शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था के लिए थाना स्तर पर फोकस करें। मुख्यमंत्री चौहान ने थाना स्तर पर बीट व्यवस्था को सशक्त करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि थाना स्तर पर कॉन्स्टेबल, हेड कांस्टेबल को दायित्व सौंपकर उनकी नेतृत्व क्षमता का उपयोग करते हुए बीट व्यवस्था को सशक्त किया जाए। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि थानों तथा मैदानी स्तर पर पर्याप्त अमले की उपलब्धता सुनिश्चित करना जरूरी है।
सीएम चौहान ने कहा कि अधिकारी अपने जिले और प्रभार के क्षेत्र में आवश्यक रूप से भ्रमण करें तथा जनता से जीवंत संवाद रखें। जिन अधिकारियों का जनता से सीधा संवाद है और जिनकी प्रभावशीलता जन-सामन्य में अधिक है, उन्हें मैदानी क्षेत्र के दायित्व सौंपे जाएँ। मुख्यमंत्री चौहान ने ग्राम तथा नगर रक्षा समितियों को सक्रिय करने एवं उनके पुनर्गठन के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि थानों पर पदस्थ स्टाफ लम्बे समय तक एक ही स्थान पर पदस्थ न रहे, स्टाफ में नियमित रूप से बदलाव होता रहे।
मुख्यमंत्री ने इंटेलिजेंस सिस्टम को और मजबूत करने को कहा
मुख्यमंत्री ने कहा कि मजबूत इंटेलिजेंस की कार्य योजना मुझे शीघ्र प्रस्तुत की जाए। साधन-संसाधन, योग्य व्यक्ति.जो भी लगाने हो लगाएं, लेकिन इंटेलिजेंस सिस्टम को मजबूत करें। मुख्यमंत्री ने, एडीजी इंटेलीजेंस से पूछा कि आप इंटेलिजेंस को मजबूत करने का प्लान मुझे कब तक दे देंगे ? दंगाइयों पर कार्रवाई जारी रखें।
अफ़सरों की गुलामी नहीं करेंगे कर्मचारी
मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि अफसर के यहां जो पुलिसकर्मी, शासकीयकर्मी लगे हैं उन्हें कम करें, उन लोगों का जनहित में उपयोग किया जाए, जो नियमानुसार पात्रता है बस उतने ही लोग अफसरों के यहां काम करें। मैंने मंत्रियों की सलामी बंद कराई है, तो अफसरों के घरों में गुलामी भी नहीं चलेगी। पुलिस अधिकारियों के बंगलों पर नियम विरूद्ध पदस्थ अधिक पुलिसकर्मियों को बंगलों से हटाकर थानों में लगाया जाएगा। उनकी सेवाएँ मैदानी स्तर के आवश्यक कार्यों में ली जाएगी। आगे भी आने वाले त्यौहार, परशुराम जयंती और ईद निर्विघ्न संपन्न हों, इसके लिए मैदान में डटे रहें। जो अधिकारी फील्ड पर नहीं जा रहे हैं, उनकी सूची बनाकर मुझे दें।
दंगा बर्दाश्त नहीं
सीएम ने कहा कि मध्यप्रदेश में दंगा बर्दाश्त नहीं करूंगा। अब मध्यप्रदेश में मुझे किसी कीमत पर दंगा नहीं चाहिए - नॉट एट ऑल। जो चल रहा है चलने दो, ये सोचकर अभी आप बैठे हैं तो आप अपने धर्म का पालन नहीं कर रहे हैं। आप पवित्र संकल्प लेकर मैदान में काम करें। CCTV धार्मिक स्थलों पर लगाने की जो बात आई है हमें उसका स्वागत करना चाहिए। CCTV लग जाने से हम अपराध पर नियंत्रण कर सकते हैं।
पुलिसकर्मियों को ट्रेनिंग दें
सीएम ने कहा कि दंगा रोकने की ट्रेनिंग दी जाए, भीड़ अनियंत्रित हो गई तो क्या करना चाहिए ? दोनों तरफ से भीड़ आ गई तो क्या करना चाहिए ? भारत सरकार या अन्य राज्यों के ऐसे कोई मॉडल हैं तो उनका अध्ययन करें, नई तकनीकी का प्रयोग करें। बैठना बिल्कुल नहीं है, चिन्हित अपराधियों पर कार्यवाही करते रहें।