भोपाल
केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के विरोध के बीच केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं को किसानों तक पहुंचाने राज्य सरकार कृषक मित्र बनाएगी। इसके लिए शासन ने तय किया है कि प्रदेश में दो आबाद ग्राम के मध्य एक कृषक मित्र का चयन किया जाएगा जो अपने कार्यक्षेत्र में कृषक एवं प्रसार तंत्र के बीच जीवन्त संबंध स्थापित करेंगे। ये कृषि के साथ-साथ अन्य संबंधित विभागों एवं कृषकों के मध्य कड़ी का कार्य करेंगे। कृषक मित्र अधिक से अधिक कृषकों को तकनीकी संपन्न बनाएंगे। इसके लिए किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग ने सब मिशन आॅन एग्रीकल्चरल एक्सटेंशन आत्मा अंतर्गत नए सिरे से कृषक मित्र के चयन के लिए निर्देश जारी किए हैं। इसके लिए हर ग्राम पंचायत में ग्राम सभा कर तीन-तीन नामों के पैनल तैयार किए जाएंगे।
कृषि विभाग के निर्देशों के मुताबिक कृषक मित्र के लिए हाईस्कूल पास होना और आयु 40 वर्ष से अधिक होना जरूरी होगा। उसे दो आबाद ग्रामों में से एक ग्राम का निवासी होने और स्वयं के नाम वाली भूमि पर कृषि कार्य करने की पात्रता भी पूरी करनी होगी। शासन के निर्देशों में कहा गया है कि कृषक मित्र के चयन के लिए विकासखण्ड तकनीकी प्रबंधक, सहायक तकनीकी प्रबंधक, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी तथा वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी से संपर्क किया जा सकेगा। कृषक मित्र चयन में 30 प्रतिशत महिला कृषकों को यथासंभव प्राथमिकता दी जाएगी। जिले में कृषकों की वर्गवार एवं श्रेणीवार संख्या के अनुरूप भी सभी वर्गों को देने के निर्देश दिए गए हैं। उन कृषकों का चयन कृषक मित्र के रूप में नहीं हो सकेगा जो इस कार्य को आजीविका का विकल्प मानकर कार्य करते हैं। कृषि के लिए स्वप्रेरित कृषक को इसमें चयनित किया जाएगा।
एक कृषक परिवार से एक से अधिक सदस्य को कृषक मित्र में चयनित नहीं किया जा सकेगा। चयनित कृषक मित्र किसी भी शासकीय, अर्द्धशासकीय, अशासकीय अथवा किसी लाभ के पद पर नहीं होना चाहिए। इसके लिए उससे स्वप्रमाणित घोषणा पत्र लिया जाएगा। हाईस्कूल पास कृषक मित्र नहीं मिलने पर 8वीं कक्षा पास उन्नतशील कृषक का चयन किया जा सकता है जिसकी मौखिक एवं लिखने की सम्प्रेषण क्षमता हो। आत्मा गतिविधियों में भाग लेने वाले एवं बीएससी उत्तीर्ण कृषक के चयन को निर्णय सम्यक रूप में स्थान मिलेगा। चयनित कृषक मित्र को यह लिखकर देना होगा कि भविष्य में शासकीय सेवक होने का दावा नहीं करेगा।