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जनसम्पर्क उपसंचालक ने नहीं चुकाया था सर्किट हाउस का किराया, सूचना आयुक्त ने किया 25 हज़ार जुर्माना

भोपाल

सतना जिले में पदस्थ रहे जनसंपर्क विभाग के पूर्व उप संचालक जेपी धौलपुरिया पर राज्य सूचना आयोग ने 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना सतना में उनके कार्यकाल के दौरान दायर की गई एक अपील पर सुनवाई के बाद लगाया गया है।

आवास भत्ते की जानकारी देने से किया इनकार

जेपी धौलपुरिया से सतना में उनकी पदस्थापना के दौरान प्राप्त किए गए आवास भत्ता की जानकारी आरटीआई द्वारा मांगी गई थी। उन्होंने अपने स्वयं की जानकारी धारा 8 (1) J लगाकर व्यक्तिगत बताकर देने से इंकार कर दिया था।

सुनवाई के दौरान जब राज्य सूचना आयुक्त ने वर्तमान अधिकारी राजेश सिंह से पूछा कि क्या यह जानकारी वे विधानसभा या संसद को देने से इंकार कर सकते हैं ? सिंह ने आयोग को प्रेषित जवाब में बताया कि वे सदन को जानकारी देने से इंकार नहीं कर पाएंगे। इस जवाब के बाद सूचना आयुक्त ने इस प्रकरण में निर्णय सुनाते हुए कहा कि मांगी गई जानकारी व्यक्तिगत जानकारी नहीं थी।

ये है अधिनियम

धारा 8 (1) J में स्पष्ट है कि जो जानकारी विधानसभा या संसद को देने से मना नहीं किया जा सकता है, उस जानकारी को किसी भी व्यक्ति को देने से भी इंकार नहीं किया जा सकता है। जेपी धौलपुरिया ने सूचना के अधिकार अधिनियम की अवमानना की है, लिहाजा उन पर 25 हजार रुपए का जुर्माना अधिरोपित करने का आदेश दिया जाता है।

जेपी धौलपुरिया वर्तमान में सेवानिवृत्त हो चुके हैं और शिवपुरी में निवासरत हैं। सूचना आयुक्त ने जेपी धौलपुरिया को 1 महीने का समय जुर्माने की राशि को आयोग में जमा करने के लिए दिया है। उसके बाद जुर्माने की वसूली धौलपुरिया के वेतन-पेंशन देयकों से सुनिश्चित की जाएगी।

गौरतलब है कि उप संचालक धौलपुरिया सतना मे अपनी पूरी पदस्थापना के दौरान सर्किट हाउस सतना में रहे, जिसका किराया भी उन्होंने लोकनिर्माण विभाग में जमा नहीं कराया। इस दौरान वे आवास भत्ता भी वेतन के साथ प्राप्त करते रहे। शासन को दोहरा चूना लगाने के प्रयास में फंसने के डर से उन्होंने सूचना के अधिकार की जानकारी स्वयं की निजी जानकारी बताते हुए देने से इंकार कर दिया था। इस मामले में सतना के दिवंगत पत्रकार कुमार कपूर ने अपील की थी।

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